शीर्षक “नवीन समाज निर्माण में शिक्षक का परिवर्तनीय योगदान” लेखक जितिन साबु . (बी.एड. छात्र, एल.आई.सी.टी.ई. मरंगट्टुपिल्ली) सारांश आज का समाज निरंतर परिवर्तन, वैश्वीकरण और तकनीकी उन्नति से गुजर रहा है। ऐसे समय में शिक्षक की भूमिका केवल अध्यापन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि वह समाज के नैतिक, तकनीकी और मानवीय विकास का नेतृत्व करता है। इस लेख में आधुनिक समाज में शिक्षक की बहुआयामी भूमिकाओं—जैसे मार्गदर्शन, तकनीकी दक्षता, नैतिक मूल्यों का संवहन, समावेशी शिक्षा, शोध, नवाचार, और सामाजिक परिवर्तन—का विश्लेषण किया गया है। यह लेख शिक्षक की बदलती भूमिका को समझने और भविष्य के समाज में उसकी आवश्यकताओं को पहचानने का प्रयास है। मुख्य शब्द ज्ञानदाता मार्गदर्शक तकनीकी दक्षता नैतिक मूल्य समावेशी शिक्षा नवाचारी शिक्षक समाज परिवर्तन जीवन कौशल सांस्कृतिक विविधता आजीवन शिक्षार्थी लेख परिचय शिक्षक को समाज का निर्माता कहा जाता है, क्योंकि वह केवल ज्ञान प्रदान नहीं करता, बल्कि वि...